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गुरुवार, 24 दिसंबर 2009

सरस के विरूद्ध याचिका खारिज

जोधपुर। सिरोही के निकट रामपुरा में सरस डेयरी का प्लांट लगाने के लिए जमीन अवाप्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने खारिज कर दी। खण्डपीठ ने इस प्रकरण को जनता का हित प्रभावित करने वाला भी नहीं माना।

खण्डपीठ के न्यायाधीश एन.पी. गुप्ता एवं गोविन्द माथुर के समक्ष राजस्थान को-ऑपरेटिव ऑफ डेयरी फेडरेशन एवं ग्राम पंचायत की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता राकेश अरोडा ने कहा कि सिरोही कलक्टर की ओर से खसरा संख्या 661 को अधिगृहीत कर इससे सटे खसरा संख्या 715 को चारागाह क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। ऎसे में ग्रामवासियों को मवेशी चराने के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है।

लिहाजा इससे जनहित प्रभावित होने की बात नहीं है। उन्होंने इस मामले में जालोर-सिरोही जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड रानीवाडा को पक्षकार नहीं बनाने एवं सरकार की ओर से जारी जमीन अधिग्रहण के पुष्टि आदेश को चुनौती नहीं देने पर भी एतराज जताया। इस पर सुनवाई के बाद खण्ठपीठ ने याचिका खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि डेयरी प्लांट लगाने के लिए सिरोही कलक्टर ने 1.94 हैक्टेयर भूमि अधिगृहीत की थी। ग्रामीणों की ओर से बलवंतसिंह एवं अन्य ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नियम विरूद्ध बताया।

सोमवार, 31 मार्च 2008

अब सिरोही में श्वेत क्रांन्ति का होगा आगाज

Kendra सरकार के द्वारा वित्त पोषित ग्राम सहकारी डेयरी संरचना के माध्यम से पशुपालक व कृषक वर्ग को स्वरोजगार देने के उद्देश्य से शुरु की गई सघन डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत सिरोही जिला मुख्यालय पर २० हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी संयत्र निर्माण की स्वीकृति मिली है। इस परियोजना की लागत २९० लाख रुपए आएगी।

जसमूल के चेयरमैन राघवेंद्रसिंघ देवडा के अनुसार संयत्र की स्थापना को लेकर भूमि की समस्या आ रही थी, परंतु बीसूका प्रदेशउपाध्यक्ष अर्जुनसिंघ सा के सहयोग से सिरोही जिला प्रशासन ने वेरापुरा में हाई-वे पर २० बीघा जमीन का रियायती दर पर आवंटन कर दिया गया है। शीघ्र निर्माण को लेकर आरसीडीएफ जयपुर ने निविदा भी आमंत्रित कर दी गई है।


प्रबंध संचालक सोहन बरड़वा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत सन् २०१०-११ तक सिरोही जिला में १३० कार्यशील समितियों का गठन, लगभग ७८ सौ पशुपालकों व दुग्धउत्पादकों को संघ से जोड़ कर १६ हजार किग्रा दुध का रोजाना संकलन किया जाएगा। जिसमें से १३ हजार लीटर दुग्ध सिरोही जिले के कई कस्बे में ही तरल रुप में बिक्री किया जाएगा। इस तरह ८० हजार उपभोक्ता लाभान्वित हो सकेंगे। बकौल, बरड़वा सिरोही जिले का दुग्ध सिरोही में बिक्री होने से परिवहन व्यय की बचत हो सकेगी, जिससे संघ के द्वारा दुग्ध उत्पादकों को बेहतर दर दी जा सकेगी। इस तरह यह योजना सिरोही जिला मुख्यालय के विकास एवं दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक व सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगी।