रविवार, 9 अगस्त 2009

सरस टेट्रा पैक दूध, सेना को भाया

जयपुर। सरहदों पर देश की रक्षा के लिए तैनात सेना के जवानों को सरस दूध का स्वाद खूब भाने लगा है। यही कारण है कि गत एक-डेढ़ साल में सरस के टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति व मांग में अंतर दोगुना तक पहुंच गया है।

सेना को मांग के अनुरूप टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति करने के लिए राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन (आरसीडीफ) ने स्वीडन से ढाई करोड़ रूपए की लागत से मशीन (टीबीए8) आयात की है। यह अत्याधुनिक टेट्रा पैकिंग मशीन अगले पन्द्रह दिनों में जयपुर डेयरी प्लांट में काम करना शुरू कर देगी। जयपुर डेयरी से सेना के अलावा दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता व अन्य राज्यों में भी 35-40 लाख लीटर दूध हर वर्ष सप्लाई होता है।

करिगल युद्ध से की अहम भूमिका
करगिल युद्ध के समय यह टेट्रा पैक दूध सेना के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ था। 20 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करगिल युद्ध के समय बढ़कर 45 लाख लीटर पहुंच गई। यही वह समय था जब से सरस दूध जवानों को भा गया और उसकी निरंतर मांग बढ़ती गई। सूत्रों के मुताबिक, दूध की गुणवत्ता के चलते सेना में इसकी अधिक मांग है।

यूं बढ़ेगी आपूर्ति
वर्तमान में संचालित टेट्रा पैकिंग मशीन प्रतिदिन 30 हजार लीटर दूध ही पैक कर पा रही है, जबकि नई मशीन से इसकी गति 60 हजार लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। वहीं यह दूध छह माह तक बिना रेफ्रिजरेशन के सुरक्षित रखा जा सकेगा।

सेना में सरस टेट्रा पैक दूध की अत्यधिक मांग को देखते हुए नई मशीन खरीदी गई है। इससे अछूते सैन्य क्षेत्रों में भी जल्द ही दूध की आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
- ओ.पी. सैनी, प्रबंध संचालक, राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन

शनिवार, 28 फ़रवरी 2009

जसमूल डेयरी की दशम् वार्षिक आमसभा संपन्न

 रानीवाड़ा।
जसमूल डेयरी की दशम् वार्षिक आमसभा बुधवार को संघ के अध्यक्ष राघवेन्द्रसिंह देवड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें जालोर-सिरोही जिलों की सभी निर्वाचित दुग्ध समितियों के अध्यक्षों ने भाग लिया। देवड़ा ने इस अवसर पर दीप जलाकर आमसभा का शुभारंभ किया। गत वर्ष की बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट, लेखों व भौतिक प्रगति रिपोर्ट का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया। 
देवड़ा ने कहा कि साढ़े तीन वर्ष के संचालक मंडल के कार्यकाल में दुग्ध खरीद दर १९० से २८० तक पहूंचाकर दुग्ध उत्पादकों का आर्थिक स्तर सुधारने में संघ ने अहम भूमिका निभाई है। इसी कारण से दुग्ध संकलन में अप्रत्याशित वृद्धि हो पाई है। भारी प्रतिस्पर्दा के बावजूद संघ लाभ की स्थिति में रहा है। दुग्ध संकलन में संघ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर समस्त सभासदगण का आभार जताया गया। प्रबंध संचालक ने भी संक्षिप्त अभिवादन में सभी टीम सदस्यों के रचनात्मक सहयोग के साधुवाद दिया। आम सभा में संघ के मुकेश निर्वाण, हेमाराम परिहार, बाबुलाल विश्रोई व केशरसिंह ने विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया।
नए एमडी ने ·ार्यभार संभाला:- वर्तमान एमडी सोहन बरड़वा ·े सी·र डेयरी में तबादला होने पर बुधवार शाम ·ो नए एमडी ए.सी.माथुर ने उन·ा ·ार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने सभी स्टॉफ ·ी बैठ· बुला·र परिचय ले·र नए दिशानिर्देश दिए।

शनिवार, 1 नवंबर 2008

स्लिम दूध बिक्री के लिए जारी


Nov 01, 11:16 pmजयपुर,  जयपुर डेयरी न बुजुर्गो, हृदय रोगियों, खिलाड़ियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए यूएचटी दूध का नया उत्पाद बिक्री के लिए जारी किया है। छह महीनों तक साधारण तापमान में उपयोग में लाए जा सकने वाले इस उत्पाद को जयपुर डेयरी द्वारा 'स्लिम' नाम दिया गया है। जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक डॉ. रणवीर सिंह गोदारा ने बताया कि आने वाले दिनों में यह खास वर्ग के लोगों के लिए प्रीमियम उत्पाद होगा। यू.एच.टी. स्लिम में फेट की मात्रा बिलकुल भी नहीं है। उन्होंने बताया कि आधुनिक और प्रतिस्पद्र्धात्मक जीवन शैली और बाजार में इस तरह के दुग्ध उत्पादों की मांग को देखते हुए जयपुर डेयरी ने यह उत्पाद बिक्री के लिए जारी किया है। एक लीटर स्लिम यूएचटी पैक दूध की कीमत 28 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। गोदारा ने बताया कि इसके अलावा यूएचटी मिल्क फिड एंड फाइन का आधा लीटर पैक भी नई आकर्षक पैकिंग में बिक्री के लिए जारी किया गया है। अभी तक फिट एण्ड फाइन यूएचटी मिल्क केवल एक लीटर की पैकिंग में ही उपलब्ध था। लेकिन उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए फिट एण्ड फाइल यूएचटी मिल्क आधार लीटर पैकिंग में भी बिक्री के लिए जारी किया गया है।

मंगलवार, 1 जुलाई 2008

दुग्ध उत्पादकों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना

Marwar News!
आरसीडीएफ के तत्वावधान में प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को चिकित्सा व्यय पुनर्भरण के लिए सरस सामुहिक आरोग्य बीमा योजना फैज तृतीय लागू की गई है। इस काम के लिए आरसीडीएफ के एमडी मधुकर गुप्ता व राज्य बीमा आयोग के आयुक्त सोहनलाल ने एक वर्षीय करार पर दस्तखत किए है।
उक्त योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को साधारण बिमारियों में प्रति परिवार एक लाख रुपए और विशेष बिमारियों में दो लाख रुपए तक का चिकित्सा पुनर्भरण का लाभ मिल सकेगा। इस योजना के तहत बीमा प्रिमियम पर सपरिवार ३८८ रुपए व व्यक्तिगत दुग्ध उत्पादक के लिए २५० रु व्यय होंगे। इन मेसे साढे बारह प्रतिशत राशि आरसीडीएफ व रानीवाड़ा डेयरी संघ, तीस प्रतिशत राशि संबंधित दुग्ध समिति एवं शेष राशि दुग्ध उत्पादक सदस्य द्वारा वहन की जाएगी। रानीवाड़ा डेयरी के अध्यक्ष राघवेन्द्रसिंह देवड़ा व प्रबंध संचालक सोहन बरड़वा ने उक्त बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि उक्त योजना दुग्ध उत्पादकों को सामाजिक सुरक्षा व साधारण अथवा गंभीर बिमारियो की स्थिति में चिकित्सा पुनर्भरण की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जा रही है जोकि संघ के सदस्यों के हितार्थ एवं अतिलाभदायक रहेगी।

रविवार, 29 जून 2008

हेल्दी हार्ट के लिए पीएं बिना मलाई वाला दूध

Raniwara:
एक अमेरिकी रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अगर इंसान रोजाना एक ग्लास बिना मलाई वाला दूध पीता है, तो उसे दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा बहुत कम हो जाता है। रिसर्चरों ने पाया कि वयस्क लोग अगर दिन में एक बार भी कम फैट वाला दूध या दूध से बने उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी किडनी में खराबी की दर तुलनात्मक रूप से 37 फीसदी कम हो जाती है। किडनी के फंक्शन में खराबी आने से दिल पर बुरा असर पड़ता है। स्टडी बताती है कि दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन, विटामिन डी, मैग्नीशियम और कैल्सियम इसे दिल के लिए दमदार ड्रिंक बनाते हैं। इन नतीजों पर पहुंचने से पहले रिसर्चरों ने 5 हजार से भी ज्यादा लोगों के किडनी फंक्शन चेक किए। ये सभी लोग उम्र में 45 से 84 साल के बीच थे। स्टडी में इन लोगों के खान-पान के पैटर्न का ट्रैक रेकॉर्ड रखा गया। इसके साथ ही एल्बूमिन और क्रिएटिनाइन के रेश्यो (एसीआर) की भी जांच की गई। यह रेश्यो किडनी की हेल्थ जानने के लिए बतौर इंडिकेटर काम करता है। अगर रेश्यो बहुत लो है, तो किडनी ठीक से फंक्शन नहीं कर रही है। अगर हाई है तो कार्डियोवस्कुलर डिजीज का रिस्क बहुत ज्यादा है। स्टडी में देखा गया कि जो लोग लो फैट वाला दूध या इससे बने उत्पाद ज्यादा खाते हैं, उनका एसीआर कम है, यानी किडनी फंक्शन अच्छे स्वास्थ्य की गवाही दे रहे हैं। स्टडी में एक और बात पता चली कि कम फैट वाले दूध उत्पादों का सेवन करने वाले लोगों में किडनी से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा भी बहुत कम हो जाता है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2008

दुग्ध उत्पादकों को बीमा कवरेज

रानीवाड़ा की जसमूल डेयरी ने संस्थान से जुड़े समस्त दुग्ध उत्पादकों को बीमा कवरेज देकर सहकारिता के इतिहास में नया अध्याय रचा है। डेयरी ने राजस्थान कॉ-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड़ जयपुर, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी व भारतीय जीवन बीमा निगम के मध्य त्रि-स्तरीय सहमति के आधार पर इस संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के पंजीकृत क्रियाशील सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित सरस सुरक्षा कवच चतुर्थ, सरस सुरक्षा कवच पंचम् व आईसीआईसीआई लोम्बर्ड से सरस सामूहिक आरोग्य बीमा फेज प्रथम योजना के तहत फरवरी ०८ तक कई किसानों ने फायदा लिया। फरवरी २००८ तक लगभग १२ लाख रुपए बीमा क्लेम के रुप में आहत परिवारों को स्वीकृत कर राहत प्रदान की है। प्रबंध संचालक सोहन बरड़वा व चेयरमैन कुं राघवेंद्रसिंह देवड़ा के अनुसार दुग्ध उत्पादकों को इस योजना का अधिकाधिक फायदा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।